सहमति, यौन हिंसा और प्रजनन पर दबाव
सहमति स्वेच्छा से और खास कृत्य के लिए होनी चाहिए। डर, दबाव, नशा, कृत्य के बारे में धोखा, निर्णय-असमर्थता या सत्ता का दुरुपयोग सहमति को खत्म कर सकता है।
इस मार्गदर्शिका में
यह किस तरह दिखाई दे सकता है
यौन हिंसा विवाह, डेटिंग, स्वास्थ्य सेवा, संस्था, कार्यस्थल, सार्वजनिक जगह या ऑनलाइन हो सकती है।
- ना कहने, जम जाने, पीछे हटने, बेहोशी या समझ न पाने के बाद भी जारी रखना।
- घर, पैसा, अंक, नौकरी, जातिगत सत्ता, दिव्यांगता सहायता या दर्जे का उपयोग कर यौन पहुँच लेना।
- गर्भनिरोध हटाना या बिगाड़ना, गर्भ के नतीजे मजबूर करना या प्रजनन स्वास्थ्य सेवा रोकना।
यह हानिकारक क्यों है
- यौन हिंसा शरीर पर अधिकार छीनती है और शारीरिक, प्रजनन, भावनात्मक, सामाजिक तथा आर्थिक नुकसान कर सकती है।
- देर से बताना, बिखरी याद या नुकसान करने वाले से संपर्क बने रहना अनुभव को कम वास्तविक नहीं बनाता।
कानूनी स्थिति तथ्य पर निर्भर है
भारतीय न्याय संहिता बलात्कार और यौन उत्पीड़न सहित कई यौन अपराध परिभाषित करती है और इसमें खास नियम तथा अपवाद हैं जिन्हें सावधानी से पढ़ना चाहिए।
अपने दायरे के घरेलू रिश्ते में यौन दुर्व्यवहार घरेलू हिंसा कानून में भी आ सकता है। 18 वर्ष से कम पर पॉक्सो लागू और रिपोर्टिंग कर्तव्य हो सकते हैं।
भारतीय आपराधिक कानून विवाह सहित हर गैर-सहमति यौन व्यवहार को एक जैसा नहीं मानता। किसी धारा, गिरफ्तारी या नतीजे का वादा न करें।
अधिक सुरक्षित अगले कदम
केवल वही विकल्प चुनें जो परिस्थिति के अनुकूल हो। सुरक्षा, समय, धन, दिव्यांगता, पारिवारिक नियंत्रण और डिवाइस की निगरानी से उपलब्ध विकल्प बदल सकते हैं।
तत्काल सुरक्षा और स्वास्थ्य देखें
तत्काल खतरे में 112। चाहे तो चिकित्सा सहायता लें; हर जाँच, सहमति, रिकॉर्ड और रिपोर्टिंग कर्तव्य समझाने को कहें।
फैसले का अधिकार बचाएँ
हर कानूनी या रिश्ते का फैसला तुरंत जरूरी नहीं। विधिक या सहायता सेवा विकल्प समझा सकती है।
असुरक्षित संपर्क घटाएँ
यदि यात्रा, संदेश या मुलाकात पर निगरानी है तो सुरक्षित उपकरण और भरोसेमंद व्यक्ति का उपयोग करें।
किसी का साथ कैसे दें
पहला काम पूरी कहानी लेना नहीं, सुरक्षा, सम्मान और विकल्प लौटाना है।
क्या मदद कर सकता है
- विश्वास करें और छूने, फोन या जानकारी साझा करने से पहले पूछें।
- चिकित्सा, यात्रा, बच्चों, साथ या कानूनी मदद बिना शर्त दें।
किन बातों से बचें
- वह वहाँ क्यों थी, क्या पहना या विरोध क्यों नहीं किया न पूछें।
- पुलिस रिपोर्ट या सामना मजबूर न करें।
आप ये शब्द कह सकते हैं
“जो हुआ वह तुम्हारी गलती नहीं थी।”
“अब किस तरह की मदद चाहिए, तुम चुन सकती हो।”
परिवारों और संस्थाओं को क्या करना चाहिए
स्वास्थ्य सेवाएँ
स्वास्थ्य सेवाएँ
- सम्मानजनक उपचार, निजता, सूचित सहमति और साफ समझ दें।
- पुलिस कदम न होने पर तत्काल उपचार मना न करें।
पुलिस और न्याय व्यवस्था
पुलिस और न्याय संस्थाएँ
- मौजूदा कानून की प्रक्रिया और सुगम्यता सुरक्षा अपनाएँ।
- दोषारोपण, अनावश्यक दोहराव और पहचान खुलने से बचाएँ।
मदद और व्यावहारिक सहायता पाएँ
112 पर कॉल करें
तत्काल खतरे या पुलिस, अग्निशमन या चिकित्सा के आपात समन्वय के लिए।
पूरे भारत की आपात सेवा
कॉल या ऐप अनुरोध में आपका नंबर, आवाज़ और स्थान उत्तरदाताओं के साथ साझा हो सकता है।
महिला हेल्पलाइन 181 पर कॉल करें
महिलाओं के विरुद्ध हिंसा पर जानकारी, सहायता और उचित सेवा से संपर्क के लिए।
आधिकारिक FAQ में अभी पश्चिम बंगाल को छोड़कर सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश सूचीबद्ध हैं; स्थानीय प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।
सुरक्षित हो तो विवरण देने से पहले पूछें कि क्या दर्ज या साझा किया जाएगा।
कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 पर कॉल करें
महिलाएँ और बच्चे निःशुल्क विधिक सेवाओं के पात्र समूहों में शामिल हैं।
पात्रता से किसी खास वकील, राहत या नतीजे की गारंटी नहीं होती।
स्रोत और प्रकाशन रिकॉर्ड
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- भारत
- समीक्षा रिकॉर्ड
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