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भारत में स्टार्टअप निवेशक जाँच: संस्थापकों के लिए डाटा रूम चेकलिस्ट

कंपनी रिकॉर्ड, हिस्सेदारी, वित्त, ग्राहक, कर्मचारी, बौद्धिक संपदा और अनुपालन को सुरक्षित डाटा रूम में तैयार करें तथा पहुँच और सुधार के लिए स्पष्ट प्रक्रिया रखें।

इस मार्गदर्शिका में

निवेशक की ड्यू डिलिजेंस क्या होती है?

निवेशक की ड्यू डिलिजेंस वह जाँच है जो इच्छुक फंडर निवेश अंतिम करने से पहले करता है। Startup India के अनुसार निवेशक वित्तीय इतिहास, टीम और कारोबार की वृद्धि या बाजार से जुड़े दावों की पुष्टि देख सकते हैं। डाटा रूम प्रमाण व्यवस्थित करता है; यह सौदे की गारंटी नहीं और कानूनी, लेखा या तकनीकी समीक्षा का विकल्प नहीं है।

फाइल अपलोड करने से पहले साफ सूची बनाएँ

कंपनी और हिस्सेदारी, वित्त और कर, बिक्री व ग्राहक, उत्पाद और बौद्धिक संपदा, कर्मचारी, महत्वपूर्ण अनुबंध तथा अनुपालन या जोखिम की अलग फ़ोल्डर बनाएँ। सूची में हर फाइल का मालिक, अवधि, संस्करण और छोटा परिचय लिखें। दस्तावेज़ को मौजूदा, पुराने संस्करण, अनुपलब्ध या लागू नहीं के रूप में चिह्नित करें।

कंपनी, संस्थापक और हिस्सेदारी के रिकॉर्ड जुटाएँ

निगमन और संवैधानिक दस्तावेज़, निदेशक और शेयरधारक रिकॉर्ड, बोर्ड या सदस्य मंजूरी, पुराने शेयर आवंटन और हस्तांतरण, शेयरधारक समझौते, कन्वर्टिबल और प्रस्तावित ऑप्शन पूल रखें। दस्तावेज़ों का मौजूदा कैप टेबल और फाइलिंग से मिलान करें। निवेशक की जाँच से पहले कंपनी वकील या कंपनी सचिव से कमियाँ पूछें।

वित्त और कर का प्रमाण आपस में मिलाएँ

जहाँ उपलब्ध हों, हस्ताक्षरित या समीक्षा किए गए खाते, प्रबंधन खाते, बैंक और ऋण रिकॉर्ड, नकदी अनुमान, आय-खर्च विवरण, कर रिटर्न, नोटिस और बड़े अंतर की वजह व्यवस्थित करें। डेक और वित्तीय मॉडल में एक जैसी अवधि और परिभाषाएँ रखें। बिना ऑडिट वाले प्रबंधन आँकड़े को ऑडिटेड वित्तीय विवरण न बताएं।

डाटा रूम तैयारी ट्रैकर
फ़ोल्डरतैयार दस्तावेज़मालिक और अवधिसंवेदनशील डेटा हटायाअगला काम
कंपनी और हिस्सेदारी
वित्त, बैंक और कर
ग्राहक और अनुबंध
कर्मचारी, IP और उत्पाद
अनुपालन और विवाद

स्टार्टअप डाटा रूम में कौन-सी सामग्री रखें?

बिक्री, ग्राहक और उत्पाद का प्रमाण दें

महत्वपूर्ण ग्राहक, आपूर्तिकर्ता, वितरण और पायलट अनुबंध रखें। ग्राहक संख्या, आय, नवीनीकरण, रिफंड और बिक्री संभावनाओं का मिलान किया हुआ सार दें। कुछ बड़े ग्राहकों पर निर्भरता और बकाया या संबंधित पक्ष की व्यवस्था समझाएँ। उत्पाद के लिए रिलीज रिकॉर्ड, उपयोग माप, सेवा घटना और निवेश से जुड़ी सुरक्षा प्रक्रिया शामिल करें।

बौद्धिक संपदा और कर्मचारी रिकॉर्ड जाँचें

जरूरत के अनुसार ट्रेडमार्क, पेटेंट, डिजाइन या कॉपीराइट आवेदन, डोमेन व सॉफ्टवेयर स्वामित्व, कर्मचारी और ठेकेदार के IP हस्तांतरण, लाइसेंस तथा ओपन-सोर्स सूचना रखें। कर्मचारी की पहचान वाली जानकारी केवल जरूरत भर दें। यदि संस्थापक या पुराने ठेकेदार का काम औपचारिक रूप से कंपनी को नहीं सौंपा गया, तो यह बात बताएँ।

बड़े जोखिम और अनसुलझे मुद्दे साफ बताएँ

मुकदमे, नियामक नोटिस, डेटा घटना, बकाया, ग्राहक विवाद, ऋण, गारंटी, संबंधित पक्ष के लेन-देन और अनुपालन की बड़ी कमियों की तथ्यपरक सूची बनाएँ। हर मामले की स्थिति और प्रमाण लिखें। समस्या छिपाने से बेहतर है उसका सटीक विवरण देना, वरना बाद में भरोसे को नुकसान हो सकता है।

जाँच की फाइलें सुरक्षित तरीके से कैसे साझा करें?

भूमिका और प्रक्रिया के अनुसार पहुँच दें

नाम वाले खाते, बहु-चरण लॉगिन, जहाँ उपलब्ध हो देखने या डाउनलोड करने की सीमा और पहुँच लॉग रखें। शुरुआत में सीमित लोगों को फाइल दिखाएँ और प्रक्रिया आगे बढ़ने पर ही विस्तार करें। बातचीत समाप्त हो तो पहुँच रद्द करें। सार्वजनिक लिंक, साझा पासवर्ड या ईमेल में पूरा कंपनी अभिलेख न भेजें।

निजी और कारोबारी संवेदनशील जानकारी कम रखें

ग्राहक पहचान, कर्मचारी बैंक विवरण, पहचान पत्र, स्वास्थ्य जानकारी, लॉगिन और असंबंधित निजी डेटा हटाएँ। सवाल का उत्तर मिल सके तो समूहित या नमूना रिकॉर्ड दें। मूल दस्तावेज़ सीमित पहुँच में रखें और बिना ढके रिकॉर्ड देने की वजह दर्ज करें।

सवाल और सुधार का रिकॉर्ड बनाएँ

निवेशक प्रश्न एक जिम्मेदार व्यक्ति को दें और उत्तर, स्रोत फाइल तथा तारीख दर्ज करें। पुराने दस्तावेज़ को नए संस्करण से बदलें। डेक या पिछले जवाब का कोई आँकड़ा गलत निकले तो जल्दी सुधारें और बदलाव समझाएँ। किस अधिकृत व्यक्ति को कौन-सी सामग्री मिली, उसकी प्रति रखें।

निवेशक जाँच: आम सवाल

डाटा रूम कब बनाना चाहिए?

कंपनी और निवेश रिकॉर्ड जमा होने लगें तभी आंतरिक फ़ोल्डर व्यवस्थित करें। विश्वसनीय फंडर की औपचारिक जाँच शुरू होने पर नियंत्रित निवेशक डाटा रूम बनाएँ; शुरुआती परिचय के साथ संवेदनशील फाइलें दिखाना जरूरी नहीं।

क्या निवेशक को हर ग्राहक अनुबंध देना जरूरी है?

दायरा निवेशक, सौदे और दस्तावेज़ के महत्व पर निर्भर करता है। सुरक्षित तरीके से जरूरी सामग्री दें, अनावश्यक जानकारी हटाएँ और साझा करने से पहले अनुबंध की गोपनीयता शर्तें जाँचें।

अगर हमारे रिकॉर्ड में कमी हो तो क्या करें?

दस्तावेज़ गढ़ें या पिछली तारीख से न बनाएँ। कमी पहचानें, उपलब्ध रिकॉर्ड समझाएँ, जिम्मेदार व्यक्ति तय करें और जहाँ जरूरत हो लेखाकार, कंपनी सचिव या वकील के साथ वैध सुधार करें।

क्या ड्यू डिलिजेंस पास होने से निवेश पक्का हो जाता है?

नहीं। इसके बाद भी सहमत दस्तावेज़, मंजूरी, शर्तें, नियामक कदम और रकम का हस्तांतरण बाकी हो सकते हैं। योग्य सलाहकार से पूरा होने की पुष्टि तक बिना हस्ताक्षर या शर्त वाले प्रस्ताव को बंद सौदा न मानें।