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भारत में सह-संस्थापक समझौता: महिला संस्थापकों के लिए जाँच सूची

महिला संस्थापकों के लिए भारतीय सह-संस्थापक समझौता सूची: हिस्सेदारी, भूमिका, वेतन, निर्णय, बौद्धिक संपदा, खाते तक पहुँच, जाना और गतिरोध।

इस मार्गदर्शिका में

काम और पैसा उलझने से पहले संस्थापकों की सहमति लिखें

सह-संस्थापक समझौता बताता है कि संस्थापक साथ काम, कारोबार का स्वामित्व और बदलाव कैसे सँभालेंगे। यह कंपनी के मेमोरेंडम और आर्टिकल्स, LLP समझौते, नौकरी की शर्तों, बौद्धिक संपदा के हस्तांतरण या अनिवार्य क़ानून का स्थान नहीं लेता। हस्ताक्षर या शेयर जारी करने से पहले वकील से इसे संस्था के क़ानूनी दस्तावेज़ों के अनुरूप कराएँ।

हर संस्थापक, उसकी भूमिका और योगदान साफ़ लिखें

हर व्यक्ति का समय, ज़िम्मेदारी, नकद योगदान, उपकरण, संपर्क, तकनीकी या रचनात्मक काम और कारोबार में दिए जा रहे पुराने संसाधन लिखें। पहले से किए काम को भविष्य में किए जाने वाले काम से अलग रखें। यदि कोई संस्थापक कम वेतन ले रही है या कारोबार चलाने के लिए बिना वेतन काम कर रही है, तो व्यवस्था, समीक्षा की तारीख़ और निर्णय प्रक्रिया लिखें; उसे अनौपचारिक वादे में गायब न होने दें।

हिस्सेदारी की गणना और किसी के जाने पर क्या होगा, तय करें

प्रस्तावित शेयर या लाभ का हिस्सा, हर योगदान की रकम और तारीख़, शेयर हस्तांतरण की पाबंदियाँ, हिस्सेदारी घटने की प्रक्रिया और जाने वाले संस्थापक की हिस्सेदारी का निपटारा लिखें। यदि वेस्टिंग या कंपनी द्वारा शेयर वापस ख़रीदने की योजना है, तो भारतीय क़ानून और कर के विशेषज्ञ से वैध तरीका और दस्तावेज़ जाँचें। बिना समीक्षा के अमेरिकी वेस्टिंग क्लॉज़ भारतीय समझौते में न चिपकाएँ।

वेतन, ख़र्च और लाभ को शेयर से अलग तय करें

लिखें कि संस्थापक को वेतन, निदेशक पारिश्रमिक, ख़र्च वापसी, ऋण भुगतान या लाभ का हिस्सा मिलेगा या नहीं, कौन मंज़ूर करेगा और कौन-से रिकॉर्ड चाहिए। शेयर मिलना काम का वेतन नहीं है; भविष्य में शेयर देने का वादा कई महीनों के काम का भुगतान भी नहीं हो सकता। फंडिंग मिलने या तय राजस्व स्तर पर पहुँचने पर पारिश्रमिक की समीक्षा करें।

इस बिंदु के स्रोत: कंपनी अधिनियम, 2013
वकील के साथ समीक्षा के लिए संस्थापक शर्त-पत्र
विषयसहमत सिद्धांतदस्तावेज़ या निर्णय का ज़िम्मेदार
संस्थापकों के नाम, भूमिकाएँ और समय
शेयर/लाभ हिस्से, योगदान और आगे की हिस्सेदारी घटने का नियम
वेतन, ख़र्च और बिना वेतन काम की समीक्षा तारीख़
हस्ताक्षर अधिकार और ख़र्च की मंज़ूरी
पहले से मौजूद और नए बौद्धिक काम का स्वामित्व
जाना, हस्तांतरण, गतिरोध और विवाद का तरीका

हर संस्थापक के लिए भागीदारी और रिकॉर्ड देखने का उचित रास्ता रखें

वास्तविक काम के अनुसार निर्णय अधिकार बाँटें

रोज़मर्रा के वे निर्णय अलग रखें जो भूमिका का ज़िम्मेदार व्यक्ति कर सकता है, और वे बड़े निर्णय अलग जिनके लिए बोर्ड, साझेदार या संस्थापक का वोट चाहिए। शेयर जारी करना, कर्ज़ लेना, अहम संपत्ति बेचना, कारोबार बदलना, किसी संस्थापक को रखना या हटाना और संबंधित पक्ष को भुगतान जैसे मुद्दों को सूचीबद्ध करें। सूचना, बैठक, कोरम, वोट और हितों के टकराव के नियम ऐसे हों कि कोई संस्थापक यात्रा या अवकाश पर हो तब भी काम चले।

एक ही संस्थापक को बैंक, डेटा और कंपनी के सारे खाते नियंत्रित न करने दें

लिखें कि बैंक स्टेटमेंट, लेखे, कर रिटर्न, वेतन-पर्ची, ग्राहक अनुबंध, स्रोत फ़ाइलें, MCA या भुगतान पोर्टल कौन देख सकता है। अलग-अलग उपयोगकर्ता खाते, भूमिका के मुताबिक़ अनुमति और पहुँच वापस पाने की लिखित प्रक्रिया रखें—एक साझा लॉगिन के बजाय। कंपनी के ईमेल, क्लाउड और भुगतान खाते कंपनी के नियंत्रण में हों; कम-से-कम दो अधिकृत लोगों को ज़रूरी पहुँच बहाल करना आता हो।

रचनात्मक श्रेय, आविष्कार और काम की फ़ाइलें सुरक्षित रखें

लिखें कि कौन-सा कोड, डिज़ाइन, लेखन, नुस्ख़ा, डेटा या ब्रांड हर संस्थापक पहले से लाता है। यह भी तय करें कि नया काम कंपनी के स्वामित्व में जाएगा या उसे लाइसेंस मिलेगा, योगदान का श्रेय कैसे दर्ज होगा और जाने के बाद गोपनीय जानकारी कैसे इस्तेमाल की जा सकती है। लेखक या आविष्कारक का श्रेय और कानूनी स्वामित्व एक ही बात नहीं हैं; हर काम के प्रकार के अनुसार हस्तांतरण या लाइसेंस पर हस्ताक्षर कराएँ।

किसी संस्थापक के जाने, असहमति और सुरक्षा की योजना बनाएँ

संकट आने से पहले असहमति सुलझाने का क्रम तय करें

बातचीत के चरण लिखें: तय विषय-सूची वाली बैठक, छोटा विराम, निष्पक्ष सलाहकार या मध्यस्थ और उसके बाद सहमत कानूनी विवाद मार्ग। तय करें कि गतिरोध क्या होगा, समाधान तक सामान्य काम कौन चलाएगा और सुरक्षा या अदालत से तत्काल राहत कौन माँग सकता है। मध्यस्थता या पंचाट की शर्त की वैधता और उपयोगिता वकील से जाँचें।

इस्तीफ़ा, काम न कर पाना, कदाचार, मृत्यु और बिक्री पर शर्तें रखें

सूचना-अवधि, पहुँच सौंपना, कंपनी की संपत्ति लौटाना, ग्राहक काम जारी रखना, हिस्सेदारी हस्तांतरण, मूल्य तय करना और ख़रीद की प्रक्रिया पहले लिखें। ऐसा प्रावधान न रखें जो उचित प्रक्रिया के बिना किसी संस्थापक का कमाया वेतन, शेयर या निजी काम छीन ले। यदि कंपनी प्रस्तावित ख़रीद वहन न कर सके या मूल्य पर विवाद हो, तो समाधान क्या होगा—सलाहकार से परखें।

उत्पीड़न, भेदभाव या बदले की कार्रवाई पर सुरक्षित रास्ता जोड़ें

संस्थापकों का समझौता कार्यस्थल क़ानून या POSH प्रक्रिया की जगह नहीं लेता। उसमें निष्पक्ष संपर्क व्यक्ति, स्वतंत्र सलाह और शिकायत करने वाले की पहुँच बचाने का रास्ता लिखा जा सकता है। कोई रिकॉर्ड नष्ट न करे, शिकायत पर सज़ा न दे या बदले में पहुँच बंद न करे। यदि संस्थापक कर्मचारी, निदेशक या शिकायतकर्ता भी है, तो स्वतंत्र क़ानूनी सलाह लें ताकि शासन से जुड़े फ़ैसले वैधानिक शिकायत या जाँच को प्रभावित न करें।

सह-संस्थापक समझौते पर आम सवाल

अगर हमें एक-दूसरे पर भरोसा है, तो क्या मौखिक सहमति काफ़ी है?

भरोसा मददगार है, लेकिन काम, पैसे या निवेश की स्थिति बदलने पर लोगों को पुरानी बातचीत अलग याद हो सकती है। हस्ताक्षर किया हुआ और समीक्षा किया गया समझौता साझा आधार देता है और विवाद से पहले कठिन बात करना आसान करता है। फ़ैसले बदलें तो रिकॉर्ड अपडेट करें; जिस कंपनी फ़ाइलिंग या हस्तांतरण के लिए क़ानून खास फ़ॉर्म माँगता हो, वहाँ केवल चैट संदेश पर निर्भर न रहें।

क्या मुफ़्त ऑनलाइन समझौता-नमूना इस्तेमाल कर सकते हैं?

नमूने से विषयों की सूची बनाने में मदद मिल सकती है, पर उसमें गलत संस्था का क़ानून हो सकता है, कंपनी के आर्टिकल्स या LLP समझौते से टकराव हो सकता है, अनिवार्य नियम छूट सकते हैं या उपाय अमल में न आ पाएँ। उसे चर्चा-सूची की तरह लें और अंतिम काग़ज़ भारतीय कॉरपोरेट वकील से बनवाकर दस्तावेज़ों में मिलाएँ।

क्या सभी संस्थापकों के शेयर बराबर होने चाहिए?

ज़रूरी नहीं। संस्थापक समय, जोखिम, पूँजी, काम, भविष्य की प्रतिबद्धता और किसी की जगह दूसरा व्यक्ति ढूँढ़ना कितना कठिन है—इन बातों पर विचार करके आधार खुलकर तय कर सकते हैं। प्रतिशत अकेले वोट, बोर्ड में जगह, वेतन, जानकारी तक पहुँच या भविष्य में हिस्सेदारी घटने का नियम नहीं बताता।

इस बिंदु के स्रोत: कंपनी अधिनियम, 2013